
🌸 *अजमेर की धरा पर महातपस्वी महाश्रमण का मंगल पदार्पण* 🌸
*-मानवता के मसीहा के अभिनन्दन में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब*
*-राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष सहित अनेक गणमान्यों ने किया सादर अभिनंदन*
*-मेरवाड़ा स्टेट (कोठी) में शांतिदूत का हुआ पावन प्रवास*
*-अहिंसा भगवती सभी प्राणियों के लिए कल्याणकारी : शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमण*
*-अजमेरवासियों ने दी भावनाओं की अभिव्यक्ति, प्राप्त किया मंगल आशीष*
*07.01.2026, बुधवार, अजमेर (राजस्थान) :*
राजस्थान की धरा पर कोई आध्यात्मिकता से भावित करने, जन-जन के मानस में सद्भावना, नैतिकता व नशामुक्ति की अलख जागने को जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अधिशास्ता, भगवान महावीर के प्रतिनिधि, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी बुधवार को अपनी धवल सेना के साथ अजमेर की धरा पर पहुंचे तो अजमेरवासियों ने अपने आराध्य का भावभीना अभिनंदन किया। वर्षों बाद अपने आराध्य को अपने आंगन में पाकर अजमेरवासी मानों अतिशय आह्लादित थे। कड़कड़ाती सर्दी के मौसम में तेरापंथ के महासूर्य का अपनी धवल रश्मियों के साथ पदार्पण अजमेर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहा था।
मानवता के मसीहा की अभिवंदना व स्वागत में मानों पूरा अजमेर उमड़ आया था। अजमेर का चौराहे, रास्ते आदि बैनर, होर्डिंग्स व जैन ध्वज से भरे हुए थे। स्वागत जुलूस में न केवल तेरापंथ समाज, अपितु अन्य अजैन समाज के लोग भी उत्साह के साथ उपस्थित थे। इस्लाम व इसाई धर्म के लोग भी स्थान-स्थान पर आचार्यश्री की अभिवंदना में खड़े थे। इस्लाम व इसाई धर्म के प्रतिनिधि आचार्यश्री के साथ स्वागत जुलूस में कुछ दूर तक अपने हाथों में जैन ध्वज को थामकर पैदल भी चले। भव्य स्वागत जुलूस के साथ युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी अजमेर शहर में स्थित मेरवाड़ा स्टेट (कोठी) में पधारे। आचार्यश्री का अजमेर की धरा का एकदिवसीय प्रवास इसी स्थान में हुआ। श्रद्धालु जनता की जयघोष से मानों पूरा वातावरण महाश्रमणमय बना हुआ था।
मेरवाड़ा स्टेट (कोठी) के परिसर में बने भव्य अहिंसा समवसरण में विराजमनमेदिनी को जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता, महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी ने पावन प्रतिबोध प्रदान करते हुए कहा कि आगम में बताया गया है कि धर्म उत्कृष्ट मंगल है। आदमी के मन में मंगल की कामना करती है। दूसरों के लिए भी मंगलकामना, शुभकामना प्रेषित करने का प्रयास किया जाता है और स्वयं की मंगलकामना तो आदमी चाहता ही है। कई पदार्थों को मंगल के रूप में माना जाता है। मंगल के लिए शुभ समय में प्रस्थान, प्रवेश अथवा कोई कार्य प्रारम्भ के लिए शुभ मुहूर्त देखा जाता है। आगम में बताया गया है कि धर्म सबसे उत्कृष्ट मंगल होता है। प्रश्न हो सकता है कि कौन-सा धर्म मंगल है? आगम में बताया गया कि अहिंसा, संयम और तप रूपी धर्म ही मंगल है। जो भी प्राणी अहिंसा, संयम और तप रूपी धर्म की अनुपालना करेगा, उसका कल्याण हो जाएगा।
अहिंसा तो मानों समस्त प्राणियों का कल्याण करने वाली होती है। अहिंसा को भगवती भी कहा गया है। सभी प्राणियों को अपने समान समझने का प्रयास करना चाहिए, इसलिए किसी भी प्राणी के हिंसा का अधिकार नहीं है। व्यवहार जगत में भी कहा गया है कि आदमी जैसा व्यवहार स्वयं के लिए नहीं चाहता, वैसा व्यवहार उसे दूसरे के प्रति भी नहीं करना चाहिए। सभी प्राणियों के साथ मैत्री की भावना हो।
जहां हिंसा होती है, वहां अशांति होती है और जहां अहिंसा होती है, वहां शांति स्थापित होती है। इसलिए आदमी को जहां तक संभव हो सकेे, अहिंसा का पालन करने का प्रयास करना चाहिए। आदमी इरादतन रूप से किसी को कष्ट देने से बचने का प्रयास करना चाहिए। अहिंसा को परम धर्म भी कहा गया है। हो सके तो किसी का कल्याण करने का प्रयास होना चाहिए। अहिंसा धर्म का पालन तो सभी प्राणियों के लिए लाभप्रद स्थापित हो सकता है। इसी प्रकार आदमी अपने शरीर, वाणी और मन का संयम करे, तो भी उसका कल्याण हो सकता है। इसलिए संयम को भी धर्म कहा गया है। इसी प्रकार जीवन को उन्नत बनाने और मोक्ष की ओर गति करने में सहायक तप रूपी धर्म भी होता है। तपस्या के भी अनेक रूप हैं। आदमी को अपने जीवन में तप की आराधना करने का प्रयास करना चाहिए। आदमी के जीवन में ईमानदारी भी रहे, ऐसा प्रयास होना चाहिए।
आचार्यश्री ने आगे कहा कि आज कई वर्षों के बाद अजमेर में आना हुआ है। अजमेर में खूब शांति रहे, धर्म की भावना जनता में भी बनी रहे, जनता में नशामुक्तता का भावना रहे, मंगलकामना। आचार्यश्री ने उपस्थित राजनेताओं को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने आचार्यश्री के स्वागत में अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करते हुए कहा कि आज के इस पवित्र अवसर पर परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी से आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मैं आपका इस आध्यात्मिक नगरी में हार्दिक स्वागत करता हूं। तेलंगाना प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री श्री चन्द्रशेखरजी ने आचार्यश्री के स्वागत में अपनी भावनाओं को अभिव्यक्ति देते हुए मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
स्थानीय तेरापंथ महिला मण्डल की सदस्याओं ने स्वागत गीत का संगान किया। जैन सोशल ग्रुप क्लासिकल के अध्यक्ष श्री प्रेम जैन ने अपनी अभिव्यक्ति दी। ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने गीत को प्रस्तुति दी। तेरापंथ युवक परिषद के सदस्यों ने भी गीत का संगान किया। अजमेर की बहन-बेटियों ने गीत को प्रस्तुति दी। श्रीमती ऋतु सोगानी ने अपनी अभिव्यक्ति दी।



